Shri NavNag Stotram; नवनाग स्तोत्रम् ।।

नवनाग स्तोत्रम् ।।

मित्रों, आप सभी में से जिनकी जन्मकुण्डली में कालसर्प दोष है, तो आप सायं-प्रातः इस नवनाग स्तोत्र का जप करें, इससे आपको बहुत ही अद्भुत लाभ होगा ।।

अनंतं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कंबलं ।
शंखपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा ।।
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम् ।
सायंकाले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः।।
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत् ।।

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।। नारायण नारायण ।।

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